प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)
प्रेमगीत, प्रेम-पल्लव, जागो युवाशक्ति, मैंजर गया दूँठ पेड़, 1984, अर्थानुशासन 1985, आचार्य रामचंद्र शुक्ल : इतिहास और परंपरा 1987, देवगिरि के यादव राजा 1989, मुनि मिश्रीलाल की आत्मकथा 1992, नामों का भाषाविज्ञान 1992, हिंदी आलोचना की पहचान 1994, भारतीय भक्तिसाहित्य 1994, आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी 1995, अनुसंधान : प्रविधि और क्षेत्र 1995, भारत की भाषाएँ 1995; संपादन-हिंदी अनुसंधान का स्वरूप 1978, हिंदी अनुसंधान के आयाम 1981 वेंकटेश्वर से विश्वनाथ 1983, हिंदी नाटक और रंगमंच 1988, महाराजकुमार डॉ. रघुवीरसिंह के पत्र राजमल बोरा के नाम 1990, तुलनात्मक अध्ययन : स्वरूप और समस्याएँ 1990, तुलनात्मक अध्ययन : भारतीय भाषाएँ और साहित्य 1992, निपट निरंजन की बानी 1992, अनुवाद क्या है 1993;