विश्व हिंदी डेटाबेस का निर्माण एक व्यापक और बहु-स्तरीय शोध प्रक्रिया का परिणाम है। डेटा संकलन के लिए निम्नलिखित स्रोतों एवं प्रविधियों का उपयोग किया गया है:
विद्वानों एवं संस्थाओं द्वारा सीधे सचिवालय को भेजे गए आधिकारिक विवरण, पाठ्यक्रम एवं संदर्भ पत्र।
वैश्विक विश्वविद्यालयों के एशियाई अध्ययन, आधुनिक भाषा एवं हिंदी विभागों की अधिकृत वेबसाइट्स व संकाय प्रोफाइल।
विश्व हिंदी सम्मेलनों तथा अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठियों में प्रस्तुत शोध पत्रों और प्रतिभागी सूचियों का विश्लेषण।
पोर्टल के 'आप भी जुड़ें' प्रपत्र के माध्यम से निरंतर प्राप्त हो रहे विद्वानों के नए आवेदन।
प्राप्त विवरणों का सचिवालय की विशेषज्ञ समिति द्वारा तथ्य-सत्यापन किया जाता है। नाम, उपनाम, उपाधि, संस्थागत पता, संपर्क सूत्र तथा कृतित्व की प्रविष्टियों को देवनागरी तथा रोमन (अंग्रेज़ी) दोनों लिपियों में मानक वर्तनी के अनुसार अनुक्रमित किया जाता है, ताकि खोज प्रणाली में किसी भी लिपि से खोजने पर शत-प्रतिशत सटीक परिणाम प्राप्त हो सकें।
विद्वानों की व्यक्तिगत गोपनीयता का पूरा सम्मान किया गया है। दिवंगत (स्व.) विद्वानों के संदर्भ में संदेश प्रेषण सुविधा को स्वतः अक्षम रखा जाता है। जिन विद्वानों के ईमेल सार्वजनिक न करने का अनुरोध है, उनके ईमेल पते गुप्त रखते हुए केवल पोर्टल आधारित संदेश रिले प्रणाली से संवाद संभव बनाया गया है।
आपसी संपर्क, शोध सहयोग और वैश्विक स्तर पर हिंदी विद्वानों के नेटवर्क को सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य है।
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