प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)
उपन्यास-चक्रबद्ध 1967, दंडद्वीप 1969, स्वप्नजीवी 1971, हरे फूल की खुशबू 1991; कहानी-जमी हुई झील 1969, शेष इतिहास 1973, नदी के साथ 1976, चतुर्दिक 1980, पैदल अँधेरे में 1981, बदलाव से पहले 1981, राष्ट्रीय राजमार्ग 1984, किसी देश के किसी शहर में 1987, कहाँ ही प्यारेलाल 1991, चर्चित कहानियाँ 1995, अर्थतंत्र तथा अन्य कहानियाँ 1996, दस प्रतिनिधि कहानियाँ 2003, डॉक्यूड़ामा तथा अन्य कहानियाँ 2006 एक घर की डायरी, 2009; साथ चलता शहर 2012, त्रासदी.माइफुट! 2013; नाटक-सफ़ाई चालू है 1974, पेपरवेट 1981, बच्चों की अदालत 1981, भारत-भाग्य-विधाता 1990, हाथी डोले गाय-गाय 2009; नुक्कड़ नाटक-गिरगिट, हरिजन-दहन, राजा की रसोई, हिंसा परमो धर्म:, ब्रह्म का स्वांग, मधुआ; आलोचना-हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकार 1996, कहानी की समाजशास्त्रीय समीक्षा 1999, आज का पूँजीवाद और उसका उत्तर-आधुनिकतावाद 1999, जनवादी कहानी : पृष्ठभूमि से पुनर्विचार तक 2000; साक्षात्कार-बेहतर दुनिया की तलाश में 2007; साहित्यिक निबंध-साहित्य और भूमंडलीय यथार्थ 2008, आत्मकथात्मक एवं साहित्यिक विमर्श-मेरा मुझमें कुछ नहीं, 2013; अनुवाद (अंग्रेज़ी से) जनता का नया साहित्य 1983, कला की जरूरत 1990, उत्पीड़ितों का शिक्षाशास्त्र 1996, सुभाषचंद्र बोस : एक जीवनी 1998; अनुवाद-(गुजराती से) सोनलछाया 1968, कंचुकीबंध 1969, गुजराती कहानियाँ 1975, धूपछाँह 1976, समकालीन गुजराती कहानियाँ 1995; संपादन-सामाजिक न्याय की अवधारणा 2002, नयेपन की अवधारणा 2002, यूटोपिया की जरूरत 2002, आशा के स्रोतों की तलाश 2002, विकल्प की अवधारणा 2002, जीवन की गुणवत्ता 2004, सृजनशीलता 2004, श्रम का भूमंडलीकरण 2004, आज का स्त्री आंदोलन 2004, परिवार में जनतंत्र 2004, उत्पीड़ितों का मानवाधिकार 2006, जन और जनतंत्र 2006, विज्ञान और वैज्ञानिकता 2006, संस्कृति और व्यावसायिकता 2006, सांस्कृतिक साम्राज्यवाद 2006, भाषा और भूमंडलीकरण, जनजागरण की जरूरत, आज के समय में प्रेम, माता-पिता और बच्चे,
शिक्षा और भूमंडलीकरण 2008, दुनिया की बहुध्रुवीयता, बाजारवाद और नई सृजनशीलता, उत्पादक श्रम और आवारा पूँजी, वर्तमान संकट और दुनिया का भविष्य, बाजारवाद का विकल्प 2010, भूमंडलीकरण और भारतीय सिनेमा 2012, पूँजीवादी प्रपंच में प्रकृति और पर्यावरण 2012, स्त्री सशक्तीकरण की राजनीति 2012, हिंदी-कहानी में नए आदोलन की जरूरत 2012, मीडिया और जनतंत्र 2012, इतिहास और भूमंडलीयकरण 2013, परिवर्तन का परिप्रेक्ष्य और संभावना 2013, जीवन-शैली को बदलने के सवाल 2013, पूँजीवादी विकास और पर्यावरण आदोलन 2013, विवाह की संस्था में बदलाव की जरूरत 2013, कथन (त्रैमासिक), आज के सवाल।