| नाम (हिंदी / English) | प्रो. हरिशंकर आदेश / Prof. Harishankar Adesh |
|---|---|
| वर्तमान पद / दायित्व | 1. कश्मीर में हिंदी व संगीत का अध्यापन कार्य 2. हिंदी भाषा एवं मानव-सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत 3. ट्रिनिडाड में भारत के सांस्कृतिक दूत के रूप में नियुक्त (वहाँ पर आपने 'भारतीय विद्या संस्थान’ की नींव रखी जिसकी शाखायें आज भी कई अन्य देशों में हैं।) 4. कुलपति एवं महानिदेशक : भारतीय विद्या संस्थान, ट्रिनिडाड, कनाडा 5. संपादक : ट्रिनिडाड एवं 'जीवन ज्योति' |
| संस्थान / प्रतिष्ठान | भारतीय विद्या संस्थान |
| पता (Address) | कनाडा (Canada) |
| ईमेल (Email) | उपलब्ध नहीं / अप्रकट |
| दूरभाष (Phone) | उपलब्ध नहीं |
आप अभी तक 180 से अधिक पुस्तकों की रचना कर चुके हैं। आपकी प्रमुख कृतियाँ हैं :
(i) अनुराग,
(ii) शकुन्तला,
(iii) महारानी दमयन्ती
(i) मनोव्यथा,
(ii) निराशा,
(iii) रवि की भाभी (हास्य-वयंग्य),
(iv) मन की दरारें,
(v) लहू और सिंदूर,
(vi) आकाश गंगा,
(vii) रजनीगंधा,
(viii) प्रवासी की पाती भारत माता के नाम,
(ix) निर्मल सप्तशती आदि छै सप्तशती,
(x) गीत रामायण,
(xi) शतदल,
(xii) शरद:शतम् आदि
(i) रजत जयन्ती,
(ii) निशा की बाहें,
(iii) सागर और
(iv) सरिता आदि
(i) देशभक्ति,
(ii) सूरदास,
(iii) निषाद कुमार,
(iv) अशोक वाटिका,
(v) शबरी आदि
(i) निष्कलंक,
(ii) गुबार देखते रहे आदि
(i) झीनी झीनी बीनी चदरिया,
(ii) ज्योति पर्व आदि
(i) शबाब,
(ii) आज की रात,
(iii) लम्हे आदि
(i) विहान,
(ii) आओ बच्चों,
(iii) वेणु,
(iv) मगर चाचा चले ब्याह रचाने आदि
(i) सरगम,
(ii) षड्ज,
(iii) ऋषभ,
(iv) गंधार,
(v) मध्यम,
(vi) पंचम,
(vii) धैवत,
(viii) निषाद,
(ix) राग विवेक आदि ग्रंथ
आप (प्रो.हरिशंकर आदेश) जैसे बहुमुखी प्रतिभाशाली महाकवि को अनेकों पुरस्कारों व अलंकारों से सम्मानित किया जा चुका है, जैसे कि :