डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल
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डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल

Dr. Suresh Chandra छद्मनाम : शरद आलोक (Sharad Alok) Shukla

1. संपादक, परिचय 2. संपादक, स्पाइल दर्पण 3. पत्रकार : एकर्स एवीस ग्रोरुददालें (Akers Avis Groruddalen), ओस्लो (नार्वेजीय भाषा का समाचार पत्र)
स्पाइल दर्पण पत्रिका

व्यक्तिगत एवं संपर्क विवरण

नाम (हिंदी / English) डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ल / Dr. Suresh Chandra छद्मनाम : शरद आलोक (Sharad Alok) Shukla
वर्तमान पद / दायित्व 1. संपादक, परिचय 2. संपादक, स्पाइल दर्पण 3. पत्रकार : एकर्स एवीस ग्रोरुददालें (Akers Avis Groruddalen), ओस्लो (नार्वेजीय भाषा का समाचार पत्र)
संस्थान / प्रतिष्ठान स्पाइल दर्पण पत्रिका
पता (Address) Grevlingveien, 2G-0595 Oslo, Norway
ईमेल (Email) उपलब्ध नहीं / अप्रकट
दूरभाष (Phone) उपलब्ध नहीं
वेबसाइट / ब्लॉग http://sureshshukla.blogspot.com/

प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)

  • 1.शुक्ल स., अंतरमन के रास्ते (कहानी)
  • 2.शुक्ल स., मंजिल के क़रीब (कहानी)
  • 3.शुक्ल स., वापसी (कहानी)
  • 4.शुक्ल स., दुनिया छोटी है (कहानी)
  • 5.शुक्ल स., मदरसे के पीछे (कहानी)
  • 6.शुक्ल स., भारतीय संस्कृति के आख्याता (संस्मरण)
  • 7.शुक्ल स., करुणा की मूर्ति: महादेवी (संस्मरण)
  • 8.शुक्ल स., जिसने लंदन को नहीं जिया उसने जीवन को नहीं जिया (संस्मरण)
  • 9.शुक्ल स., हिंदी संयुक्त राष्ट्रसंघ की भाषा (निबंध)
  • 10.शुक्ल स., 2012, ‘नॉर्वे में हिंदी’, जुनेजा प., विश्व हिंदी पत्रिका

सम्मान व पुरस्कार (Awards & Honours)

  • 1.1993, चौथा विश्व हिंदी सम्मेलन, मॉरीशस में सम्मानित
  • 2.1999, छठे विश्व हिंदी सम्मेलन, लंदन में सम्मानित

आपको हिंदी अकादमी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, प्रथम ओसलो इंटरनेशनल पोएट्री फेस्टिवल और देश-विदेश में अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

विशेष विवरण / भाषाएँ / रुचियाँ (Other Details)

आप 33 वर्षों से नार्वे में प्रवास कर रहे हैं। आप नार्वे में पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने वाले पहले भारतीय हैं। आप हिंदी के सुपरिचित कवि, लेखक और पत्रकार हैं। आप अनेक भाषाओं में लिखते हैं।आपकी विदेशी पृष्ठभूमि पर लिखी रचनाओं से हिंदी कविता को एक नया आयाम मिला है। मानवतावादी रचनाओं के लिए आप जाने जाते हैं। ‘सोनांचल साहित्यकार संस्थान, सोनभद्र’ आपके नाम पर देश विदेश के चुने हुए साहित्यकारों को ‘सुरेशचंद्र शुक्ल नामित राष्ट्र भाषा प्रचार पुरस्कार’ प्रदान करता है।

सूचना स्रोत (Source)

2012 विश्व हिंदी पत्रिका, पृष्ठ 42