डॉ. भारत सिंह
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डॉ. भारत सिंह

Dr. Bharat Singh

1. संप्रति, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के प्रतिनिधि, ज़ाग्रेब विश्वविद्यालय, ज़ाग्रेब, क्रोएशिया 2. संप्रति, अनुप्रयुक्त भाषा विज्ञान के प्रोफ़ेसर तथा अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग तथा सूचना व भाषा प्रौद्योगिकी विभाग, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत 3. 2010 से 2011 तक (6 महीनों तक), क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा,भारत 4. संपादक, ‘गवेषणा’ शोध पत्रिका, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत
ज़ाग्रेब विश्वविद्यालय, ज़ाग्रेब, क्रोएशिया केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत

व्यक्तिगत एवं संपर्क विवरण

नाम (हिंदी / English) डॉ. भारत सिंह / Dr. Bharat Singh
वर्तमान पद / दायित्व 1. संप्रति, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के प्रतिनिधि, ज़ाग्रेब विश्वविद्यालय, ज़ाग्रेब, क्रोएशिया 2. संप्रति, अनुप्रयुक्त भाषा विज्ञान के प्रोफ़ेसर तथा अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग तथा सूचना व भाषा प्रौद्योगिकी विभाग, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत 3. 2010 से 2011 तक (6 महीनों तक), क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा,भारत 4. संपादक, ‘गवेषणा’ शोध पत्रिका, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत
संस्थान / प्रतिष्ठान ज़ाग्रेब विश्वविद्यालय, ज़ाग्रेब, क्रोएशिया केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, भारत
पता (Address) Zagreb UniversityTrg maršala Tita 14, 1000 Zagreb, Croatia Europe
ईमेल (Email) profbharatdera@gmail.com
दूरभाष (Phone) +385 996419885

शिक्षा एवं अकादमिक योग्यता (Education)

  • 1.पीएचडी, आगरा विश्वविद्यालय, 1985
  • 2.एडवांस्ड एम.ए. डिप्लोमा, हिंदी, 1981
  • 3.पोस्ट एम.ए. डिप्लोमा, हिंदी, 1978
  • 4.एम.ए. हिंदी, दिल्ली विश्वविद्यालय, 1977

प्रकाशन एवं शोध कार्य (Publications)

  • 1.सिंह भ., सुमन भारती भाग 6 और 8
  • 2.सिंह भ., अखिल भारतीय हिंदी का स्वरूप
  • 3.सिंह भ., भाषा और समाज पुस्तक
  • 4.सिंह भ., आओ हिंदी सीखें, भाग 1 और 2, ऑडियो सी.डी के साथ

उल्लेखनीय गतिविधियाँ / सहभागिता (Activities)

अनेकानेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में आपकी सक्रिय प्रतिभागिता रही है।

विशेष विवरण / भाषाएँ / रुचियाँ (Other Details)

आपने रेडियो पर निम्न विषयों पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिए हैं: 1.कलम का सिपाही उपन्यास सम्राट : मुंशी प्रेमचंद (प्रसारित : 31/07/1989)2.नई संस्कृति के निर्माता, डॉ राजेन्द्र बाबू (प्रसारित : 17/04/1990)3.हिंदी ही संपर्क भाषा क्यों? (प्रसारित : 1990)4.आधुनिक हिंदी साहित्य जीवन के कितने पास (प्रसारित : 16/10/1990)5.साहित्य रचना : क्यों और कैसे (प्रसारित : 7/12/1990)आपने भिन्न स्तरों पर विदेशी छात्रों को हिंदी पढ़ाया है। विदेशी छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय हिंदी पाठ्यक्रम तथा अनुवाद में पोस्ट एम.ए. डिप्लोमा के पाठ्यक्रम निर्माण कार्य से आप जुड़े रहे हैं। आपने शिक्षकों के लिए भारत के उत्तर पूर्वी इलाकों में, जम्मू, पंजाब तथा चंड़ीगढ़ में 40 से अधिक ओरिएंटेशन कोर्स (Orientation Courses) का समन्वय किया है।

वेब आधारित कड़ियाँ (Web Links)

सूचना स्रोत (Source)

सिंह डॉ. भारत (इ-मेल)